*बारिश ने खोली नगर निगम के दावों की पोल, कृष्णा नगर जलमग्न — घरों और गलियों में घुसा पानी, जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त, सुबह से लगातार हो रही बारिश और रातभर हुई मूसलाधार वर्षा से कृष्णा नगर कॉलोनी बनी तालाब, लोग घरों में कैद; नगर आयुक्त बोले— बारिश रुकने और स्थिति सामान्य होने के बाद टैंकरों से कराया जाएगा जल निकासी का कार्य*

(रिपोर्ट@संवाददाता)
रुड़की/पहाड़ की वाणी- लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने नगर निगम रुड़की के दावों की एक बार फिर पोल खोलकर रख दी है। नगर निगम क्षेत्र की कृष्णा नगर कॉलोनी में हालात इतने भयावह हो गए हैं कि गली-मोहल्लों से लेकर लोगों के घरों तक बारिश का पानी भर गया है। पूरा इलाका जलमग्न होने से आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों में उन्होंने इस प्रकार की भयावह जलभराव की स्थिति कभी नहीं देखी ।
गुरुवार सुबह से लगातार हो रही बारिश और बुधवार रात हुई तेज वर्षा के कारण कॉलोनी की लगभग सभी गलियां पानी से लबालब भर गई हैं। कई स्थानों पर पानी इतना अधिक है कि दोपहिया और चारपहिया वाहन तक नहीं निकल पा रहे हैं। पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है। घरों में पानी घुसने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और अनेक परिवार अपने ही घरों में कैद होकर रह गए हैं।
जलभराव के कारण दैनिक जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। जिन लोगों को अस्पताल जाना है, दवाइयां खरीदनी हैं, दूध एवं आवश्यक घरेलू सामान लाना है या अन्य जरूरी कार्य से बाहर निकलना है, वे भी पानी के कारण घरों से बाहर नहीं जा पा रहे हैं। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को संक्रमण और जलजनित बीमारियों का भी भय सताने लगा है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर निगम द्वारा नालों की समय पर सफाई नहीं कराई गई और कई स्थानों पर सड़कों का निर्माण बिना उचित जल निकासी व्यवस्था के कर दिया गया, जिसके कारण वर्षा का पानी निकलने के बजाय कॉलोनी में ही जमा हो गया। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नालों की सफाई और जल निकासी की समुचित व्यवस्था की गई होती तो आज ऐसे हालात पैदा नहीं होते।
इस संबंध में जब नगर आयुक्त गोपाल राम बेनीवाल से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि लगातार वर्षा के कारण तत्काल जल निकासी संभव नहीं है। बारिश रुकने और स्थिति सामान्य होने के बाद नगर निगम की टीमों को भेजकर टैंकर एवं अन्य संसाधनों की सहायता से जल निकासी कराई जाएगी, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों में नगर निगम और राज्य सरकार के प्रति भारी नाराजगी और आक्रोश देखने को मिल रहा है। नागरिकों का कहना है कि प्रत्येक वर्ष जलभराव की समस्या के समाधान के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस व्यवस्था दिखाई नहीं देती। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि केवल अस्थायी जल निकासी ही नहीं, बल्कि स्थायी समाधान के लिए नालों का चौड़ीकरण, जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करना तथा नीची सड़कों का भराव कर उन्हें ऊंचा किया जाए, ताकि भविष्य में कृष्णा नगर के लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।



