गंगा की तेज धारा में बह रहे कांवड़िए की एसडीआरएफ जवान ने बचाई जान
गीता भवन घाट पर हेड कांस्टेबल ओम प्रकाश कुकरेती ने दिखाई बहादुरी, नदी में छलांग लगाकर किया सफल रेस्क्यू


ऋषिकेश।
कांवड़ यात्रा के दौरान गीता भवन घाट संख्या-3 पर गंगाजल भरते समय गंगा की तेज धारा में बह रहे एक कांवड़िए की उत्तराखंड एसडीआरएफ के हेड कांस्टेबल ओम प्रकाश कुकरेती ने अदम्य साहस और त्वरित सूझबूझ का परिचय देते हुए जान बचा ली। जानकारी के अनुसार नई दिल्ली के जनकपुरी निवासी कुणाल गंगाजल भर रहे थे, तभी अचानक संतुलन बिगड़ने से वह तेज बहाव में बहने लगे। घाट पर ड्यूटी में तैनात हेड कांस्टेबल ओम प्रकाश कुकरेती ने घटना देखते ही बिना देर किए गंगा में छलांग लगा दी और तेज धारा का सामना करते हुए कांवड़िए तक पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
रेस्क्यू के बाद कांवड़िए की स्थिति सामान्य पाई गई। घटना के बाद घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों ने एसडीआरएफ जवान के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए उत्तराखंड पुलिस के मानवीय कार्य की प्रशंसा की। एसडीआरएफ ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए केवल निर्धारित एवं सुरक्षित घाटों पर ही स्नान और जलभराव करें तथा सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें।



