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ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा उपचार : डॉ. संदीप रमोला

बोन एंड जॉइंट वीक के तहत सुभारती अस्पताल ने ग्रामीणों को हड्डियों के स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक

सहसपुर।

गौतम बुद्ध चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध डॉ. के.के.बी.एम. सुभारती अस्पताल, झाझरा द्वारा बोन एंड जॉइंट वीक-2026 के अंतर्गत विकासखंड सहसपुर के ग्राम लांघा स्थित बीडीसी कार्यालय में “ऑस्टियोपोरोसिस जागरूकता एवं रोकथाम संगोष्ठी” का आयोजन किया गया। “स्वस्थ हड्डियाँ–संतुलित हार्मोन–स्वस्थ जीवन” थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीणों को हड्डियों के कमजोर होने की बीमारी ऑस्टियोपोरोसिस के कारणों, लक्षणों, बचाव एवं उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम में अस्थि रोग विशेषज्ञ एवं सहायक आचार्य डॉ. संदीप रमोला ने कहा कि ऑस्टियोपोरोसिस एक “साइलेंट डिजीज” है, जिसमें हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होती जाती हैं और मामूली चोट भी गंभीर फ्रैक्चर का कारण बन सकती है। उन्होंने बताया कि बढ़ती उम्र, महिलाओं में रजोनिवृत्ति, कैल्शियम एवं विटामिन-डी की कमी, धूम्रपान, शराब का सेवन तथा शारीरिक गतिविधियों की कमी इसके प्रमुख कारण हैं।

डॉ. रमोला ने कहा कि संतुलित एवं कैल्शियम युक्त आहार, पर्याप्त धूप, नियमित व्यायाम, योग तथा समय-समय पर बोन हेल्थ की जांच इस बीमारी से बचाव के प्रभावी उपाय हैं। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को हड्डियों के स्वास्थ्य के प्रति अधिक सजग रहने की सलाह दी। संगोष्ठी में उपस्थित ग्रामीणों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समय पर जांच कराने के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

अस्पताल के हेड–मार्केटिंग एवं पब्लिसिटी डॉ. प्रशांत कुमार भटनागर ने कहा कि सुभारती अस्पताल समाज के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं और स्वास्थ्य जागरूकता पहुंचाने के लिए लगातार ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।

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