कीवी उत्पादन से लाखों कमा रहे गौंसारी के पूर्व सैनिक मान सिंह चौहान
जंगली जानवरों से बचाव के लिए अपनाई नई राह, क्षेत्र में बने ‘कीवी मैन’ की पहचान


गजा/टिहरी ।
विकासखंड चंबा के गौंसारी (गजा) निवासी पूर्व सैनिक एवं पूर्व ग्राम प्रधान मान सिंह चौहान ने पारंपरिक खेती से अलग राह अपनाकर कीवी उत्पादन को अपनी आय का बेहतर जरिया बनाया है। सेना से सेवानिवृत्ति के बाद खेती शुरू करने पर बंदरों और जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान को देखते हुए उन्होंने कुछ नया करने का निर्णय लिया। इसी दौरान उन्होंने प्रगतिशील काश्तकारों से जानकारी लेकर शुरुआत में कीवी के चार पौधे लगाए। उद्यान रक्षा सचल दल गजा के तत्कालीन प्रभारी पंकज सिंह पटवाल ने भी उन्हें कीवी उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया।
चौहान बताते हैं कि कीवी की खेती में जंगली जानवरों से नुकसान अपेक्षाकृत कम होता है और क्षेत्र की जलवायु भी इसके लिए अनुकूल है। उन्होंने बताया कि कीवी की बेलों के लिए टी आकार के एंगल लगाकर मचान तैयार करना पड़ता है, जिसके साथ सब्जियों का उत्पादन भी किया जा सकता है। पिछले पांच वर्षों में कीवी उत्पादन से उन्होंने लाखों रुपये की आय अर्जित की है। हालांकि क्षेत्र में कीवी का उत्पादन बढ़ रहा है, लेकिन उचित विपणन व्यवस्था नहीं होने के कारण किसानों को उपज का अपेक्षित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।
मान सिंह चौहान की सफलता से प्रेरित होकर क्षेत्र के कई अन्य काश्तकार भी कीवी उत्पादन की ओर बढ़ रहे हैं। गजा क्षेत्र में बेहतर कीवी उत्पादन के चलते मान सिंह चौहान को लोग प्यार से ‘कीवी मैन’ के नाम से जानते हैं। वहीं दुवाकोटी की सीता चौहान को उनके उत्कृष्ट कीवी उत्पादन के कारण ‘कीवी क्वीन’ की पहचान मिली है।



