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25 से 31 अगस्त तक मनाया जाएगा संस्कृत सप्ताह

श्रावण पूर्णिमा पर होगा विश्व संस्कृत दिवस, विद्यालयों में होंगे विविध आयोजन

संस्कृत संभाषण, श्लोक पाठ, कवि सम्मेलन और जागरूकता कार्यक्रम होंगे आयोजित

ऋषिकेश।

श्रावण पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन के अवसर पर मनाए जाने वाले विश्व संस्कृत दिवस के उपलक्ष्य में 25 से 31 अगस्त 2026 तक संस्कृत सप्ताह हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। माध्यमिक संस्कृत विद्यालय शिक्षक एवं कर्मचारी संगठन के प्रदेश महामंत्री डॉ. जनार्दन प्रसाद कैरवान ने बताया कि संस्कृत दिवस मनाने की शुरुआत भारत सरकार की पहल पर वर्ष 1969 में हुई थी। तब से प्रत्येक वर्ष श्रावण पूर्णिमा के दिन संस्कृत दिवस मनाया जाता है। संस्कृत दिवस से तीन दिन पहले से लेकर तीन दिन बाद तक संस्कृत सप्ताह के रूप में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड को संस्कृत भाषा को द्वितीय राजभाषा का गौरव प्राप्त होने के कारण प्रदेश में संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार की विशेष जिम्मेदारी है। उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय, उत्तराखंड संस्कृत संस्थानम्, संस्कृत शिक्षा निदेशालय के साथ प्रदेश के शासकीय एवं अशासकीय संस्कृत विद्यालय और महाविद्यालय इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संस्कृत केवल प्राचीन भाषा ही नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध साहित्यिक एवं ज्ञान परंपरा का महत्वपूर्ण आधार है।

डॉ. कैरवान ने कहा कि श्रावण पूर्णिमा को ऋषियों के स्मरण और समर्पण के पर्व ‘ऋषि पर्व’ के रूप में भी माना जाता है। ऋषि संस्कृत साहित्य और वेदों के आदि स्रोत माने जाते हैं। प्राचीन भारत में इसी पूर्णिमा से गुरुकुलों में वेदों एवं शास्त्रों के अध्ययन की शुरुआत होती थी। संस्कृत की साहित्यिक धरोहर और ज्ञान परंपरा को सुरक्षित रखने तथा नई पीढ़ी को इससे जोड़ने के उद्देश्य से संस्कृत सप्ताह के दौरान विद्यालयों एवं संस्थानों में संस्कृत संभाषण, श्लोक पाठ, कवि सम्मेलन, भाषण प्रतियोगिता और जनजागरूकता शोभायात्रा सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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