100 रुपये की बचत से हजारों के कारोबार तक पहुंचीं महिलाएं
केला चिप्स निर्माण से गांव में मिला रोजगार का नया जरिया


टिहरी गढ़वाल।
कीर्तिनगर विकासखंड के ग्राम चौकी की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर स्वरोजगार की नई राह तैयार की है। माणिकनाथ स्वायत्त सहकारिता के माध्यम से 22 फरवरी 2026 को ग्रामोत्थान-रीप परियोजना के सहयोग से करीब 10 लाख रुपये की लागत से केला चिप्स निर्माण इकाई शुरू की गई। इकाई में 6 से 7 स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं उत्पादन, पैकेजिंग और बिक्री से जुड़ी हैं। फरवरी से सितंबर 2026 तक इकाई ने 1,45,700 रुपये का कारोबार किया और करीब 20,500 रुपये की शुद्ध बचत अर्जित की। डीपीएम रीप बीके भट्ट ने बताया कि पहले समूह की महिलाएं करीब 100 रुपये मासिक बचत करती थीं, जबकि अब गांव में ही रोजगार मिलने से उनकी आय और बचत बढ़ रही है।
समूह मोबिलाइजर प्रीति के अनुसार, इस पहल से करीब 400 से 500 महिलाएं प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हैं। इकाई के लिए कच्चा केला और अन्य सामग्री भी स्थानीय महिलाओं से खरीदी जा रही है, जिससे उत्पादन के साथ उन्हें भी आय का अवसर मिल रहा है। समूह से जुड़ी राखी और प्रीति ने बताया कि परियोजना से मिली मशीनरी और सहयोग ने उन्हें रोजगार के साथ आत्मनिर्भर बनने का विश्वास दिया है। बाजार में मांग बढ़ने के साथ महिलाएं उत्पादन और बिक्री का विस्तार करने में जुटी हैं। केला चिप्स निर्माण की यह पहल स्थानीय संसाधनों, सामूहिक प्रयास और सरकारी सहयोग से ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की मिसाल बन रही है।



