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वन भूमि हस्तांतरण के लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से करें निस्तारण: डीएम

नई टिहरी।

वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने दिए हैं। बुधवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में मोटर मार्गों के नवनिर्माण के लिए वन भूमि हस्तांतरण एवं क्षतिपूरक वृक्षारोपण से जुड़े प्रकरणों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आवश्यक प्रस्ताव और अभिलेख शीघ्र तैयार कर लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में टिहरी विधानसभा क्षेत्र के नैर से पुजाल्डी मोटर मार्ग के लिए क्षतिपूरक वृक्षारोपण के तहत 3.4296 हेक्टेयर वन भूमि के सापेक्ष सिविल भूमि वन विभाग के नाम हस्तांतरित किए जाने की कार्रवाई की जानकारी दी गई। इस पर उपजिलाधिकारी धनौल्टी अंशुल को संबंधित भूमि का प्रस्ताव तैयार कराने तथा घन्सी गांव से जुड़े मूल खसरा, खतौनी एवं नक्शा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

बैठक में धनौल्टी विधानसभा क्षेत्र के कुखड़सारी से नकोट-चक्र, भद्रीसेरा मोटर मार्ग, ज्वारना-कांस्युड मोटर मार्ग समेत प्रतापनगर के रैंका-महरगांव से सदड़गांव-मुखेम, कड़ियालगांव से पठोई तथा मसोन-कांडी-द्वारगढ़ से जयद्वार-सुरांशु तक प्रस्तावित मोटर मार्गों से संबंधित वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई पूरी कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा।

इनसेट बॉस।

सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर 15 सितंबर तक देनी होगी सूचना

बैठक में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में राजस्व विभाग के कब्जे में ऐसी आरक्षित वन भूमि, जो निजी व्यक्ति या संस्था को गैर-वाणिज्यिक कार्यों के लिए आवंटित की गई है, से संबंधित अभिलेखों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी प्रभागीय वनाधिकारियों एवं उपजिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के अभिलेखों का समुचित सत्यापन कर 15 सितंबर तक निर्धारित प्रारूप में सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक उपखंड स्तर पर समिति गठित कर जांच एवं सूचना संकलन का कार्य समयबद्ध ढंग से पूरा करने तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने को कहा। बैठक में एडीएम शैलेन्द्र नेगी, डीएफओ हिमांशु बागड़ी समेत विभिन्न तहसीलों के उपजिलाधिकारी एवं संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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