बढ़ती उम्र में गिरने से बचाव ही स्वस्थ जीवन की कुंजी: डॉ. रुचित खेड़ा
बोन एंड जॉइंट वीक-2026 के तहत सुभारती अस्पताल ने वृद्धाश्रम में वरिष्ठ नागरिकों को किया जागरूक


देहरादून।
इंडियन ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन द्वारा आयोजित बोन एंड जॉइंट वीक-2026 के अंतर्गत गौतम बुद्ध चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध डॉ. के.के.बी.एम. सुभारती अस्पताल, झाझरा की ओर से शुक्रवार को ग्राम अंबीवाला स्थित गौरी ओल्ड एज होम में “गिरने से बचाव, आत्मनिर्भरता बनाए रखें” विषय पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए जागरूकता संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में अस्थि रोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. रुचित खेड़ा ने कहा कि बढ़ती उम्र में गिरना केवल एक सामान्य दुर्घटना नहीं, बल्कि फ्रैक्चर, लंबे समय तक बिस्तर पर रहने और आत्मनिर्भरता खोने का प्रमुख कारण बन सकता है। उन्होंने बताया कि नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, पर्याप्त कैल्शियम एवं विटामिन-डी का सेवन, समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण तथा घर के वातावरण को सुरक्षित बनाकर गिरने की आशंका को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
डॉ. खेड़ा ने वरिष्ठ नागरिकों को संतुलन बनाए रखने वाले व्यायाम, उपयुक्त फुटवियर के उपयोग, घर में पर्याप्त रोशनी, फिसलन रहित फर्श, बाथरूम में सहारा देने वाली रेलिंग तथा आवश्यकता पड़ने पर वॉकिंग एड्स के सुरक्षित उपयोग की जानकारी भी दी। प्रश्नोत्तर सत्र में उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें सक्रिय, स्वस्थ और आत्मनिर्भर जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
अस्पताल के हेड-मार्केटिंग एवं पब्लिसिटी डॉ. प्रशांत कुमार भटनागर ने बताया कि बोन एंड जॉइंट वीक-2026 के तहत अस्पताल विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, शिक्षण संस्थानों एवं सामुदायिक क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चला रहा है, ताकि लोगों को हड्डी एवं जोड़ों के स्वास्थ्य, चोटों की रोकथाम और सुरक्षित जीवनशैली के प्रति जागरूक किया जा सके।



