फिलोरा दिवस पर शहीदों को किया नमन, गढ़वाल राइफल्स के गौरवशाली इतिहास को किया याद
6वीं गढ़वाल राइफल्स के 62वें फिलोरा दिवस पर पूर्व सैनिकों ने साझा किए युद्धकालीन अनुभव


ऋषिकेश।
आरआर कॉम्प्लेक्स, गढ़ी रोड श्यामपुर में देवभूमि ऋषिकेश सैनिक संगठन की ओर से 6वीं गढ़वाल राइफल्स का 62वां फिलोरा दिवस श्रद्धा और गौरव के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ पूर्व सैनिक एवं सेना मेडल विजेता विचित्र सिंह सजवाण ने विक्टोरिया क्रॉस राइफलमैन गब्बर सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया। इस दौरान शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके त्याग और बलिदान को याद किया गया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने 6वीं गढ़वाल राइफल्स के गौरवशाली सैन्य इतिहास को याद करते हुए बताया कि रेजीमेंट की स्थापना 1 जनवरी 1963 को हुई थी। वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में रेजीमेंट के जवानों ने अदम्य साहस और शौर्य का परिचय दिया। 13 सितंबर 1965 को फिलोरा की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका और विजय के सम्मान में रेजीमेंट को बैटल ऑनर ‘फिलोरा’ से नवाजा गया। वक्ताओं ने कहा कि इसके बाद भी विभिन्न सैन्य अभियानों में रेजीमेंट के वीर जवानों ने अदम्य साहस दिखाया और अनेक वीर सपूतों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए।
पूर्व सैनिक विचित्र सिंह सजवाण ने भारत-चीन युद्ध के दौरान के अपने अनुभव साझा करते हुए युद्ध के कठिन दौर और सीमित संसाधनों के बावजूद भारतीय सैनिकों द्वारा दिखाए गए अदम्य साहस का उल्लेख किया। उन्होंने युद्ध में शहीद हुए अपने साथी सैनिकों को याद कर भावुक होते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। भाजपा जिला महामंत्री प्रतीक कालिया ने पूर्व सैनिकों को फिलोरा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 6वीं गढ़वाल राइफल्स का इतिहास वीरता और बलिदान से भरा है। वहीं पूर्व जिला पंचायत सदस्य रमन रांगड़ ने सैनिकों के त्याग और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि वीर जवानों के कारण ही देशवासी सुरक्षित वातावरण में जीवन जी रहे हैं। कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों ने अपने सैन्य सेवा काल के अनुभव भी साझा किए।
कार्यक्रम का संचालन पूर्व ऑनरेरी सूबेदार सुनील बड़ोनी एवं संगठन सचिव रंजन सिंह रांगड़ ने संयुक्त रूप से किया।



