उत्तराखंड आंदोलनकारी एवं गोसेवक सोहन लाल सेमवाल का निधन
लंबी बीमारी के बाद ली अंतिम सांस, व्यासघाट में नम आंखों से दी अंतिम विदाई


द्वारीखाल उत्तराखंड आंदोलनकारी, समाजसेवी एवं गोसेवक सोहन लाल सेमवाल का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन की खबर से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। द्वारीखाल ब्लॉक के बागों गांव निवासी सोहन लाल सेमवाल ने उत्तराखंड आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ ही अपना जीवन समाजसेवा और गोसेवा के लिए समर्पित किया।
सोहन लाल सेमवाल और उनकी पत्नी गोदाम्बरी देवी ने करीब 20 वर्षों तक निराश्रित और बेसहारा पशुओं की सेवा की। विषम परिस्थितियों और तमाम चुनौतियों के बावजूद उनके गोसेवा धाम में बेसहारा पशुओं को सहारा मिलता रहा। गोसेवा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए उत्तराखंड महिला आयोग की ओर से उन्हें मरणोपरांत सम्मानित भी किया गया।
उनका अंतिम संस्कार पैतृक घाट व्यासघाट में किया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। पत्रकार कमल उनियाल और सामाजिक कार्यकर्ता भारत सिंह नेगी ने कहा कि सोहन लाल सेमवाल का सामाजिक एवं गोसेवा के क्षेत्र में योगदान हमेशा याद किया जाएगा।



