अतिरुद्र महायज्ञ के द्वितीय दिवस श्रद्धालुओं ने लिया पुण्य लाभ
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से हुआ यज्ञ, विश्व शांति व लोककल्याण की कामना


ऋषिकेश।
मायाकुंड स्थित जनार्दन आश्रम, दंडी बाड़ा में चल रहे सप्त दिवसीय अतिरुद्र महायज्ञ स्वाहाकार के द्वितीय दिवस भी श्रद्धालुओं ने यज्ञ में सहभागिता कर पुण्य लाभ अर्जित किया। दंडी स्वामी अनिरुद्धानंद तीर्थ जी महाराज एवं दंडी स्वामी निर्मलानंद तीर्थ जी महाराज के सानिध्य तथा ब्रह्मचारी केशव स्वरूप जी महाराज के संयोजन में आयोजित महायज्ञ में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ऋत्विज ब्राह्मणों ने यज्ञाग्नि में विधि-विधान से आहुतियां अर्पित कीं। द्वितीय दिवस के मुख्य यजमान राकेश जिंदल गुरुग्राम से पहुंचे। हरीश बेंजवाल सहित देश के विभिन्न स्थानों से आए संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं ने भी यज्ञ में सहभागिता की।
इस अवसर पर ऋषिकेश के महापौर शंभू पासवान लगातार दूसरे दिन आश्रम पहुंचे और अतिरुद्र महायज्ञ के दर्शन किए। काशी, गंगानगर एवं सूरत सहित विभिन्न स्थानों से संतों व गणमान्यजनों की उपस्थिति रही। प्रमुख आचार्य सुधीर कुमार नंद, आचार्य देवेंद्र किशोर शर्मा, आचार्य मायाराम, आचार्य राकेश बहुगुणा, आचार्य जनार्दन कैरवान, आचार्य जितेंद्र, आचार्य गंगाराम व्यास एवं आचार्य सुरेश पंत समेत आश्रम के ट्रस्टी शैलेंद्र मिश्रा, एलपी पुरोहित, डॉ. राजेश नैथानी सहित अनेक श्रद्धालु शामिल हुए। आश्रम के प्रबंधक ब्रह्मचारी केशव स्वरूप महाराज ने बताया कि महायज्ञ का प्रमुख उद्देश्य विश्व शांति, लोककल्याण तथा जनमानस के सुख-समृद्धि की कामना करना है।



