ब्लॉक स्तरीय शिक्षक सम्मान नहीं लेंगे जगत सिंह असवाल
टीईटी की बाध्यता सहित शिक्षकों की समस्याओं का समाधान नहीं होने पर लिया निर्णय, बोले—शिक्षकों की समस्याओं का निराकरण ही सबसे बड़ा सम्मान


गजा/टिहरी ।
फकोट ब्लॉक के राजकीय जूनियर हाईस्कूल पेंदार्स में सहायक अध्यापक जगत सिंह असवाल ने ब्लॉक स्तरीय शिक्षक सम्मान के लिए चयनित होने के बावजूद सम्मान ग्रहण नहीं करने का फैसला लिया है। उन्होंने यह निर्णय टीईटी की बाध्यता सहित शिक्षकों के विभिन्न लंबित एवं ज्वलंत मुद्दों का समाधान नहीं होने के विरोध में लिया है। असवाल का कहना है कि एक ओर शिक्षकों को उनके शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कार्यों के लिए सम्मानित किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों की प्रमुख समस्याओं की अनदेखी की जा रही है।
जगत सिंह असवाल ने कहा कि शिक्षक का दायित्व केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम पढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें जिम्मेदार, संस्कारवान, देशभक्त और मजबूत नागरिक बनाने की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि विद्यालयी कार्य के अलावा वह स्वच्छता, वृक्षारोपण और नशामुक्ति जनजागरूकता जैसे जनहित एवं समाजहित के कार्यों में भी अपनी भूमिका निभाते रहे हैं। उनके अनुसार बच्चों को पूरी निष्ठा से शिक्षित करना और समाजहित में योगदान देना ही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक टीईटी की बाध्यता सहित शिक्षकों के विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर सरकार गंभीरता से विचार कर समाधान की दिशा में कदम नहीं उठाती, तब तक वह ब्लॉक स्तरीय शिक्षक सम्मान ग्रहण नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस के रूप में विद्यालय में पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा, लेकिन व्यक्तिगत सम्मान ग्रहण करने के बजाय वह देशभर के लाखों शिक्षकों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देंगे। असवाल ने कहा कि सरकार यदि शिक्षकों की समस्याओं का समाधान करती है तो यह केवल शिक्षकों का ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों का भी सम्मान होगा। उन्होंने कहा कि विभाग और सरकार ने उन्हें बच्चों को पढ़ाने का जो दायित्व सौंपा है, उसे वह आगे भी पूरी निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता के साथ निभाते रहेंगे।



