बेटी की पढ़ाई के लिए नंगे पांव दौड़ी मां को मिला नारी शक्ति सम्मान
अवादा फाउंडेशन ने दोनों बेटियों की शिक्षा की जिम्मेदारी उठाई, रमाबाई को सम्मान व आर्थिक सहयोग


ऋषिकेश।
बेटी की पढ़ाई की फीस जुटाने के लिए नंगे पांव मैराथन दौड़ने वाली महाराष्ट्र के बीड जिले के अंबाजोगाई की 47 वर्षीय विधवा रमाबाई रणवीर के संघर्ष को अवादा फाउंडेशन ने सम्मान दिया है। फाउंडेशन ने रमाबाई को ‘अवादा नारी शक्ति सम्मान’ प्रदान करने के साथ उनकी दोनों बेटियों की शिक्षा की जिम्मेदारी उठाने का निर्णय लिया है।
रमाबाई की बड़ी बेटी आरती नांदेड़ में बीएससी की पढ़ाई कर रही हैं, जबकि छोटी बेटी पूजा पुलिस भर्ती की तैयारी कर रही हैं। रमाबाई की संघर्षपूर्ण कहानी सामने आने के बाद अवादा फाउंडेशन की टीम ने उनसे मुलाकात की और बेटियों की शिक्षा में सहयोग का संकल्प लिया। आरती की शेष बीएससी फीस कॉलेज के संस्थागत खाते में जमा कराई जा रही है, जबकि आगे की शैक्षणिक जरूरतों में भी फाउंडेशन सहयोग करेगा।
विशेष समारोह में रमाबाई को स्मृति चिह्न, सम्मान पत्र एवं आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया। फाउंडेशन के इस प्रयास से बेटियों की पढ़ाई को आर्थिक बाधाओं से राहत मिलने की उम्मीद है। रमाबाई का संघर्ष उन माताओं के लिए प्रेरणादायी है, जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपने बच्चों के भविष्य को संवारने का संकल्प रखती हैं।यह संस्करण जानबूझकर छोटा रखा है, ताकि ऋषिकेश के अखबार में इसे सामाजिक सरोकार की खबर के रूप में आसानी से लगाया जा सके और मूल घटना का भाव भी बना रहे।



