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मूल्यनिष्ठ समाज के निर्माण में शिक्षक की भूमिका अहम

शिक्षक दिवस पर ब्रह्माकुमारी केंद्र में आयोजित हुआ विशेष कार्यक्रम

ऋषिकेश।

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, गीता नगर की ओर से शिक्षक दिवस के अवसर पर ‘मूल्यनिष्ठ समाज के निर्माण में शिक्षक की भूमिका’ विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सहायक निदेशक शिक्षा एवं संस्कृत शिक्षा डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल, आधुनिक ज्ञान-विज्ञान संकाय के अध्यक्ष प्रो. लक्ष्मी नारायण जोशी, ऋषिकेश केंद्र की संचालिका बीके आरती दीदी और ढालवाला उपकेंद्र की संचालिका बीके निर्मला दीदी ने दीप प्रज्वलित कर किया। बीके आरती दीदी ने कहा कि परमात्मा सर्वोच्च शिक्षक हैं और आत्मा में ज्ञान, पवित्रता, प्रेम, शांति, खुशी, आनंद व शक्ति जैसे सात मूल सद्गुण विद्यमान हैं। इन गुणों को जीवन में धारण करने से व्यक्ति स्वयं के साथ समाज में भी सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।

डॉ. घिल्डियाल ने कहा कि शिक्षक का दायित्व केवल पुस्तकीय ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर ज्ञान की ज्योति जलाकर उन्हें अच्छे संस्कार और मूल्यनिष्ठ जीवन के लिए प्रेरित करना भी है। प्रो. जोशी ने कहा कि शिक्षा तभी सार्थक है, जब विद्यार्थी उसे अपने आचरण में उतारे और कथनी-करनी में समानता रखे। बीके निर्मला दीदी ने परमात्मा को शिक्षक, सद्गुरु और पिता बताते हुए ब्रह्मा बाबा के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम में ध्यान के माध्यम से शांति की अनुभूति कराई गई तथा छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। विभिन्न महाविद्यालयों के 15 से अधिक प्राचार्य और 50 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं समेत करीब 180 लोग मौजूद रहे। संस्था की ओर से अतिथियों व शिक्षकों को स्मृति-चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया।

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